Wednesday, February 6, 2019

आतंकी साजिश का भंडाफोड़, भंडारे के खाने में जहर मिलाकर तबाही मचाने का था इरादाआतंकी साजिश का भंडाफोड़, भंडारे के खाने में जहर मिलाकर तबाही मचाने का था इरादा

महाराष्ट्र के औरंगाबाद और मुंबई से सटे मुंब्रा से पकड़े गए ISIS के 10 संदिग्ध आतंकियों को औरंगाबाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 फरवरी तक के लिए एटीएस की कस्टडी में भेज दिया गया है. महाराष्ट्र एटीएस ने आई.एस.आई.एस. के जिन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है, उनसे पूछताछ के दौरान खौफनाक साजिश सामने आई है.
ISIS का इरादा मुंब्रा के 400 साल पुराने प्राचीन शंकर मंदिर को निशाना बनाने का था. मंदिर में होने वाले भंडारे के भोजन  में केमिकल पॉइजन मिलाकर लाखों श्रद्धालुओं को एक साथ मौत के  घाट उतारने की योजना आतंकियों ने बनाई थी. आईएसआईएस पहले भी ऐसी कोशिश कर चुका था, लेकिन उसे नाकामयाबी हाथ लगी थी. लेकिन इस बार आगामी शिवरात्रि को फिर इस साजिश को अंजाम दिया जाना था.  मुंब्रा के इस प्राचीन शिव मंदिर के ट्रस्टी हीरालाल गुप्ता ने बताया कि संदिग्ध आतंकी को लेकर महाराष्ट्र एटीएस की टीम ने यहां आकर पूछताछ की थी. एटीएस ने मंदिर के किचन में दाखिल होने के सभी रास्तों  सहित भंडारे के लिए खाना तैयार करने वाले केटरिंग सर्विस संचालक की पूरी जानकारी ली थी.
मुंब्रा के इस 400 साल पुराने मंदिर में आयोजित होनेवाले भंडारे में करीबन 40 से 50 हजार लोग शामिल होते हैं. यही वजह थी कि  जब कुछ दिन पहले मंदिर में  शिवकथा के बाद भंडारा रखा गया था तब संदिग्ध आतंकी पीछे के रास्ते से दाखिल हुआ और रसोई तक जा पहुँचा, लेकिन किचन में बावर्ची सहित कई अन्य लोग मौजूद थे. यही वजह थी कि आंतकी खाने में जहर नहीं मिला पाया.
ये जानकारी भी मिली है कि आतंकी बीएमसी अस्पताल में दी जाने वाली दवाओं में केमिकल पॉइजन मिलाकर बड़े पैमाने पर लोगों को मौत के घाट उतारने की कोशिश में थे. पकड़े गए आतंकियों में से एक मुंबई सेन्ट्रल स्थित बीएमसी अस्पताल  के 'सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज' डिपार्टमेंट में बतौर फार्मासिस्ट काम कर रहा था. साजिश इतनी खतरनाक थी कि दवा लेने वाले मरीजों की मौत कैसे हुई इस बात का पता भी नहीं चल पाता.
फार्मासिस्ट के रूप में काम करने वाला ये आतंकी बेहद खतरनाक था. इसका नाम जमन कुट्टेपडी है. इसने एक ऐसा केमिकल तैयार किया था जिसकी चंद बूंदों से बड़ी तबाही मचाई जा सकती थी.

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