रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है. ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ चेन्नई की रेल कोच फैक्ट्री में ‘ट्रेन-18’ के नाम से बनाई गई थी. एक फरवरी को बजट भाषण के दौरान रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इसे नया नाम (वंदे भारत एक्सप्रेस) दिया था. अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस ट्रेन में इंजन अलग नहीं है.
यह ट्रेन 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार से चल सकती है. इस हिसाब से यह देश की सबसे तेज गति की ट्रेन है. परीक्षण के दौरान दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर यह ट्रेन इतनी ही रफ़्तार से दौड़ी थी. हालांकि इसकी अधिकतम गति क्षमता 200 किलोमीटर प्रतिघंटे है. यह ट्रेन धीरे-धीरे शताब्दी ट्रेनों की जगह लेगी, जो 30 साल पुरानी हो चुकी हैं.
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