पुलवामा हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा बलों के दस्ते के मूवमेंट के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए आदेश जारी किए हैं। श्रीनगर में सीआरपीएफ के जवानों को श्रद्धांजलि देने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अब से जब भी बड़ा काफिला चलेगा तो सामान्य यातायात को पूरी तरह से रोक दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि देश के अंदर मौजूद आतंकियों के मददगारों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हुर्रियत कॉन्फ्रेंस और जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेताओं का नाम लिए बगैर राजनाथ ने कहा कि पाकिस्तान और आईएसआई से आर्थिक मदद लेने वालों की सरकारी सुरक्षा पर भी नए सिरे से विचार किया जाएगा। गृहमंत्री ने कहा कि कुछ ऐसे असामाजिक तत्व हैं, जो सीमा पार से आतंकी संगठनों, आतंकी ताकतों और आईएसआई के साथ हाथ मिला रहे हैं। वे आतंकी साजिशों में शामिल भी हैं। वे जम्मू—कश्मीर के लोगों और खासकर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
गृहमंत्री ने कहा कि सुरक्षाबलों के आवागमन के दौरान यातायात रोकने से आमजनों को थोड़ी दिक्कत जरूर होगी, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम जरूरी था। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर की जनता हमारे साथ खड़ी है और भारत सरकार शहीदों के परिजनों के साथ है। गौरतलब है कि हाल ही में भारत की नाराजगी के बावजूद पाकिस्तान के गृहमंत्री ने हुर्रियत नेताओं से दो बार बात की थी।
पुलवामा में सीआरपीएफ के दस्ते पर हुए आतंकी हमले के बाद राजनाथ सिंह शुक्रवार को श्रीनगर में थे। उन्होंने वहां सीआरपीएफ सहित भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा बलों के अधिकारियों के साथ हालात पर चर्चा की और आगे की रणनीति पर विचार किया।
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