Thursday, February 28, 2019

Redmi Note 7 हुआ भारत में लॉन्च, शुरुआती कीमत 9,999 रुपये

Wednesday, February 27, 2019

आसमान में भिड़े भारत-पाक के विमान, सरहद पर तनाव बरकरार, ऐसा रहा दिन भर का हाल

सरहद पर तनाव
सरहद पर तनाव - फोटो : Amar Ujala
पुलवामा हमले के जवाब में भारत की कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का दौर जारी है। इस घटना के बाद दोनों तरफ की सेना अलर्ट पर है और एलओसी पर नए-नए घटनाक्रम का दौर जारी रहा। भारत में दिनभर उच्चस्तरीय बैठक चली जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी सहित तमाम बड़े मंत्री शामिल थे। बालाकोट में भारतीय वायुसेना के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद आज दिनभर दोनों तरफ ही भारी हलचल नजर आई। पाकिस्तान ने आज सुबह भारतीय वायु क्षेत्र का खुला उल्लंघन किया जिसा भारत ने भी जवाब दिया।

क्या रहा दिनभर का घटनाक्रम पढ़ें:

  • आज सुबह पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने पुंछ और नौशेरा में भारतीय वायुक्षेत्र का उल्लंघन किया। पाकिस्तानी लड़ाकू विमान को खदेड़ने के लिए भारत वायु सेना के मिग 21 ने उड़ान भरी। पड़ोसी देश के विमानों को भगाया गया।
  • इस दौरान भारतीय वायुसेना ने एफ-16 को मार गिराया जिसका मलबा पाक अधिकृत कश्मीर में गिरा। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक इस लड़ाकू विमान का पायलट पैराशूट से कूदता नजर आया। हालांकि, पाकिस्तान ऐसी किसी बात से लगातार इनकार करता रहा। 
  • पीएम नरेंद्र मोदी विज्ञान भवन में एक कार्यक्रम में मौजूद थे। यहां से वह अचानक बैठक के लिए पीएमओ रवाना हो गए। बैठक में गृहमंत्री, रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री सहित कई अधिकारी और एनएसए अजीत डोभाल भी मौजूद थे। ये बैठक लंबी चली।
  • इस बीच पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने एलओसी पर दो भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। उन्होंने एक पायलट के पाकिस्तान के कब्जे में होने का भी दावा किया। पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता ने बताया कि उनका देश भारत के साथ युद्ध नहीं शांति चाहता है।
  • पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा कि बडगाम के विमान क्रैश में उसका कोई हाथ नहीं है। इस विमान हादसे में पायलट और को पायलट के मारे जाने की खबर आई। एक नागरिक ने भी जान गंवाई।   
  • वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा- किसी भी देश के लिए एक हफ्ते का वक्त बहुत होता है। जब अमेरिकी नेवी सील एबोटाबाद में ओसामा बिन लादेन को ढेर कर सकती है तो हम इस तरह का काम क्यों नहीं कर सकते?
  • पूरे देश में अलर्ट जारी किया गया। दिल्ली सहित प्रमुख शहरों में खास सतर्कता बरतने के आदेश जारी हुए। उत्तर भारत के 9 हवाई अड्डों में उड़ानें बंद करने का आदेश जारी किया गया, लेकिन कुछ घंटे बाद सभी एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही सामान्य कर दी गई।
  • विदेश मंत्रालय ने प्रेस कांफ्रेस की। प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को खदेड़ा गया और एक विमान मार गिराया गया। इस दौरान एक मिग 21 क्रैश हुआ। एक भारतीय पायलट भी लापता हुआ।
  • पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने कहा कि उनका देश शांति चाहता है, युद्ध नहीं। उन्होंने कहा कि हमारा देश भारत से बातचीत करना चाहता है। जंग किसी के हित में नहीं है। 
  • खबर आई कि पाकिस्तान ने अपनी तरफ से समझौता एक्सप्रेस को बंद करने का फैसला लिया है। ये ट्रेन लाहौर से भारत के लिए चलती है।

प्रधानमंत्री ने रात भर जागकर रखी एयर स्ट्राइक पर नजर, तभी किया आराम जब वापस आए लड़ाकू विमान


Narendra Modi
Narendra Modi
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रात भर जागकर पाकिस्तान पर की गई एयर स्ट्राइक पर नजर रखी। वे एक पल भी सोए नहीं थे। जिस वक्त भारतीय वायुसेना के युद्धक विमान पाक अधिकृत कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर बम बरसा रहे थे उस समय भी प्रधानमंत्री घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए थे। यह जानकारी सरकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। बताया गया कि प्रधानमंत्री ने पूरी रात झपकी भी नहीं ली और इस अभियान से अंत तक जुड़े रहे।  बताया गया कि प्रधानमंत्री मोदी तभी आराम करने गए जब सभी लड़ाकू विमान और पायलट सुरक्षित वापस लौट आए। जानकारी के अनुसार अभियान में शामिल लोगों को सुबह करीब साढ़े चार बजे बधाई देने के बाद ही वे अपनी नियमित दिनचर्या में व्यस्त हो गए। सवेरे राष्ट्रपति भवन में कार्यक्रम में शामिल होने के बाद प्रधानमंत्री एक रैली के लिये राजस्थान गए और वहां से नयी दिल्ली लौटकर इस्कॉन के कार्यक्रम में शामिल हुए।  

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वे अभियान के दौरान अपने घर पर थे या किसी दूसरे स्थान पर। प्रधानमंत्री के एक करीबी सूत्र ने कहा कि प्रधानमंत्री अभियान के दौरान और उसके बाद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और वायुसेना प्रमुख बी एस धनोआ के साथ संपर्क में थ। 

Tuesday, February 26, 2019

भारत का हमलाः बालाकोट के लोग बोले- 'लगा जैसे जलजला आ गया हो'

स्थानीय निवासी मोहम्मद आदिल ने बताया कि 3 बजे का वक्त था, बहुत तेज आवाज आई, ऐसा लगा जैसे जलजला आ गया.

बालाकोट (फोटो- AP)बालाकोट (फोटो- AP)
भारतीय वायुसेना ने पुलवामा आतंकी हमले का करारा जवाब देते हुए पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को निशाना बनाया है. वायु सेना के मिराज-2000 विमानों की ओर से की गई इस कार्रवाई में आतंकी कैंपों को भारी नुकसान हुआ है, मंगलवार सुबह करीब 3 बजे भारत की ओर से इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया.
खैबर पख्तूनख्वा के बालाकोट में भारत की इस एयर स्ट्राइक के बाद दशहत का माहौल है. बीबीसी से बातचीत में स्थानीय निवासी मोहम्मद आदिल ने बताया कि 3 बजे का वक्त था, बहुत तेज आवाज आई, ऐसा लगा जैसे जलजला आ गया. बाद में पता चला कि वहां धमाका हुआ है, इसमें कई घर तबाह हो गए हैं. पांच से दस मिनट तक जहाजों की आवाज आई फिर वह बंद हो गई.
बालाकोट स्थित लाहौर होटल के मालिक ने इंडिया टुडे को फोन पर बताया कि यहां सुबह तड़के बमबारी हुई थी. उनके मुताबिक 4-5 बम गिराए गए और तीन बजे का वक्त था. होटल मालिक ने बताया कि वो सो रहे थे और हमले वाली जगह उनके होटल से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. 
आतंकी ठिकानों पर निशाना
भारत सरकार की ओर से कहा गया है कि इस कार्रवाई में किसी नागरिक या सेना को निशाना नहीं बनाया गया है बल्कि एयर फोर्स का टारगेट जैश के ठिकाने थे. विदेश मंत्रालय की ओर से विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि 14 फरवरी को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा में आतंकी हमला किया था, जिसमें हमारे 40 जवान शहीद हुए थे.
गोखले ने बताया कि इससे पहले पठानकोट में भी जैश की तरफ से आतंकी हमला किया गया था. पाकिस्तान हमेशा इन संगठनों की अपने देश में मौजूदगी से इनकार करता आया है. पाकिस्तान को कई बार सबूत भी दिए गए लेकिन उसने आतंकी संगठन के खिलाफ आजतक कोई कार्रवाई की.
विदेश मंत्रालय के मुताबिक जैश भारत के कई हिस्सों में आतंकी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में था और इसके लिए फिदायीन आतंकियों को ट्रेनिंग दी जा रही थी. इस खतरे से निपटने के लिए भारत के लिए एक स्ट्राइक करना बेहद जरूरी हो गया था. हमने खुफिया जानकारी के आधार पर आज सुबह बालाकोट में एयर स्ट्राइक की है जिसमें जैश के कमांडर समेत कई आतंकियों को ढेर किया गया है.

Monday, February 25, 2019

भारतीय मूल के जगमीत सिंह लड़ेंगे कनाडा में प्रधानमंत्री पद का चुनाव

कनाडा के ओंटारियो में जन्मे जगमीत सिंह का ताल्लुक पंजाब से भी है. उनकी माता हरमीत कौर लुधियाना जिले के गुधनी खुर्द से हैं तो पिता जगतरण सिंह पंजाब के बरनाला जिले से आते हैं. 70 के दशक में उनके माता-पिता कनाडा आकर बसे थे.

जगमीत सिंह. जगमीत सिंह.
भारतीय मूल के जगमीत सिंह कनाडा में प्रधानमंत्री पद का चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने 2019 में होने वाले फेडरल चुनावों के लिए दावेदारी पेश की है. वो पहले ऐसे सिख हैं जो कनाडा के प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव लड़ेंगे. बताया जा रहा है कि नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) के सदस्य प्रेसिडेंट जगमीत सिंह के नेतृत्व में चुनावों में उतरेंगे.
पंजाब से है ताल्लुक...
कनाडा के ओंटारियो में जन्मे जगमीत सिंह का ताल्लुक पंजाब से भी है. उनकी माता हरमीत कौर लुधियाना जिले के गुधनी खुर्द से हैं तो पिता जगतरण सिंह पंजाब के बरनाला जिले से आते हैं. 70 के दशक में उनके माता-पिता कनाडा आकर बसे थे. जगमीत के दादा सेवा सिंग ठीकरीवाला स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों से लड़े थे. आज भी उनके नाम बरनाला के ठीकरीवाला गांव में शहीद सेवा सिंह चौक है. यहां तक की गांव वालों ने सेवा सिंग टिक्रिवाला की हवेली को आज भी सहेज कर रखा है. बताया जाता है कि यह पता लगने पर जगमीत सिंह भारत आना चाहते थे, लेकिन उन्हें तत्कालीन यूपीए सरकार ने वीजा नहीं दिया था. 
कनाडा में ही हुई पढ़ाई...
जगमीत सिंह पेशे से वकील हैं. वो 2011 में कनाडा की राजनीति में उतरे. उनकी शुरूआती पढ़ाई कनाडा के ओंटारियो के डेट्रॉइट कंट्री डे स्कूल से हुई. इसके बाद यूनिवर्सिटी ऑफ़ वेस्टर्न ओंटारियो से उन्होंने बैचलर ऑफ़ साइंस की डिग्री हासिल की. फिर उन्होंने यॉर्क यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई की. इसके बाद क्रिमिनल लॉयर के तौर पर कुछ साल प्रैक्टिस करने के बाद जगमीत सिंह ने राजनीति में एंट्री ली. वह साल 2013 में सांसद बने थे. अपने पद से इस्तीफा देकर मई, 2017 में एनडीपी के अध्यक्ष पद के लिए वह मैदान में उतरे थे और चुने भी गए. अब उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री पद की दावेदारी पर दांव लगाया है.

Fortis ने पूर्व प्रमोटर सिंह बंधुओं की गिरफ्तारी के लिए सेबी को लिखा पत्र

फोर्टिस हेल्थकेयर (Fortis Healthcare) ने बाजार नियामक सेबी से अपने पूर्व प्रमोटर सिंह बंधुओं तथा संबद्ध इकाइयों से 472 करोड़ रुपये की वसूली के लिए उन्हें गिरफ्तार करने समेत कानूनी कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया है.


Fortis ने पूर्व प्रमोटर सिंह बंधुओं की गिरफ्तारी के लिए सेबी को लिखा पत्र
पोर्टिस ने सिंह बंधुओं की गिरफ्तारी के लिए सेबी को लिखा पत्र.

नई दिल्ली: 
फोर्टिस हेल्थकेयर (Fortis Healthcare) ने बाजार नियामक सेबी से अपने पूर्व प्रमोटर सिंह बंधुओं तथा संबद्ध इकाइयों से 472 करोड़ रुपये की वसूली के लिए उन्हें गिरफ्तार करने समेत कानूनी कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया है.  भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को राशि की वसूली के लिए दिए आवेदन में फोर्टिस हेल्थकेयर एंड फोर्टिस हॉस्पिटल ने मालविन्दर मोहन सिंह, शिविन्दर मोहन सिंह, आरएचसी होल्डिंग्स प्राइवेट लि., शिवि होल्डिंग्स प्राइवेट लि., मालव होल्डिंग्स प्राइवेट लि., रेलिगेयर फिनवेस्ट लि., बेस्ट हेल्थकेयर प्राइवेट लि., फर्न हेल्थकेयर प्राइवेट लि. तथा मोडलैंड प्राइवेट लि. से राशि की वूली के लिए कानून की धारा 28 ए का उपयोग का आग्रह किया है.
फोर्टिस हेल्थकेयर ने सेबी से मामले में सुनवाई का भी अनुरोध किया है. इस बारे में फोर्टिस हेल्थकेयर लि. के चेयरमैन रवि राजगोपाल ने कहा, 'सेबी का आदेश अक्टूबर 2018 तथा उसकी संशोधित प्रति दिसंबर 2018 में प्राप्त होने के बाद हमने रुपये की वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू की. आदेश के अनुसार हमने सभी नौ पक्षों को नोटिस भेजे.' उन्होंने कहा कि सेबी की समयसीमा 18 जनवरी 2019 को समाप्त हुई और 13 फरवरी 2019 को फोर्टिस ने सेबी के पास आवेदन देकर रुपये की वसूली के लिए संबंधित इकाइयों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया है.
इस बारे में संपर्क किये जाने पर शिविन्दर सिंह ने कहा कि सेबी कानून की धारा 28 ए के उपयोग का आग्रह जल्दबाजी और अनुचित है, क्योंकि इस मामले में अभी अंतिम आदेश नहीं आया है. उन्होंने कहा, ‘‘...और जब मुझे फोर्टिस की अपनी जांच रिपोर्ट की समीक्षा या उसका जवाब देने का मौका नहीं मिला और मैंने इसके लिए आग्रह किया था. ऐसे में यह जल्दबाजी, अनुचित और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है.' इस बारे में मालविन्दर सिंह को ई-मेल भेजा गया लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया. 

Sunday, February 24, 2019

प्रयागराज में मेडिकल की छात्रा से हैवानियत, 3 दरिंदो ने किया गैंगरेप

प्रयागराज में मेडिकल की छात्रा को चलती बस से अगवा करने के बाद उसके साथ गैंगरेप किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. छात्रा ने गैंगरेप का विरोध किया तो आरोपियों ने उसकी पिटाई भी कर दी.

प्रतीकात्मक तस्वीरप्रतीकात्मक तस्वीर
प्रयागराज में मेडिकल की छात्रा को चलती बस से अगवा करने के बाद उसके साथ गैंगरेप किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. छात्रा ने गैंगरेप का विरोध किया तो आरोपियों ने उसकी पिटाई भी कर दी. छात्रा बेहोशी की हालत में सुनसान जगह पर मिली. उसका इलाज शहर के ही एक सरकारी अस्पताल में चल रहा है.
पुलिस ने इस मामले में नौ आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है. तीन नामजद आरोपियों में से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है. पीड़ित छात्रा को कुंभ मेला क्षेत्र से सटे झूंसी इलाके से उस वक्त अगवा किया गया, जब वह प्रयागराज से वाराणसी जा रही थी.
पुलिस अफसरों का कहना है कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. बाकी बचे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें दबिश दे रही है. इस सनसनीखेज वारदात ने यूपी की कानून व्यवस्था पर फिर से सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं.  
बढ़ रही हैं रेप की घटनाएं
एक तरफ देश में जहां अलग-अलग राज्य की सरकारें अपराध पर लगाम लगाने को लेकर बड़े-बड़े दावे करती हैं, वहीं देश की राजधानी दिल्ली में रेप की घटनाएं घटने के बजाय बढ़ी हैं. दिल्ली लड़कियों और महिलाओं के लिए असुरक्षित जगह बनी हुई है. प्रजा फाउंडेशन के घरेलू सर्वेक्षण और हंसा रिसर्च की ओर से तैयार रिपोर्ट में कहा गया कि दिल्ली में रेप की घटनाएं कम होने की जगह बढ़ी है. दिल्ली में 2017-18 में रेप के दर्ज मामलों की संख्या (2,207 मामले) में पिछले साल 2016-17 के मुकाबले 3% की वृद्धि दर्ज की गई है. वहीं 40 फीसदी लोग दिल्ली को असुरक्षित मानते हैं.
प्रजा फाउंडेशन में निदेशक मिलिंद महसके ने कहा कि 2017-18 में दिल्ली में अपहरण के मामलों की कुल संख्या में 63% पीड़ित महिलाएं थीं. 2017-18 में रेप की कुल मामलों में से 52% रेप के मामले यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज किए गए.